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क्या इस हफ्ते सोने-चांदी में आने वाली है रिकवरी? निवेशकों की किस तरफ होगी नजर

 Published : Mar 23, 2026 06:44 am IST,  Updated : Mar 23, 2026 06:45 am IST

अमेरिकी डॉलर की मजबूत स्थिति ने सोने की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव ला दिया है। ऐसे में मार्केट एक्सपर्ट ने सोने को लेकर अपनी ओपिनियन दी है। वैश्विक तनाव के बीच सोना अब भी सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के रूप में बना हुआ है।

घरेलू बाजार में आने वाले शादी के सीजन और अक्षय तृतीया जैसे त्योहारों के चलते मांग में बढ़ोतरी की संभ- India TV Hindi
घरेलू बाजार में आने वाले शादी के सीजन और अक्षय तृतीया जैसे त्योहारों के चलते मांग में बढ़ोतरी की संभावना है। Image Source : FREEPIK

पिछले हफ्ते आई भारी गिरावट के बाद सोमवार से शुरू होने वाले सप्ताह में सोना और चांदी की कीमतों में हल्की रिकवरी के साथ स्थिरता देखने को मिल सकती है। हालांकि, ऊंची ब्याज दरें और मजबूत अमेरिकी डॉलर की वजह से कीमतों में तेजी सीमित रहने के संकेत हैं। बाजार की दिशा तय करने में इस सप्ताह आने वाले अहम ग्लोबल संकेतकों की बड़ी भूमिका रहेगी। निवेशकों की नजर अमेरिका, ब्रिटेन और जापान के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के PMI आंकड़ों, कंज्यूमर सेंटिमेंट और जॉबलेस क्लेम्स जैसे प्रमुख आर्थिक डेटा पर रहेगी। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी कमोडिटी बाजार को प्रभावित करेगा।

कीमतों में कुछ स्थिरता के साथ हल्की रिकवरी संभव

JM फाइनेंशियल सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एवं करेंसी रिसर्च) प्रणव मेर के मुताबिक, इस सप्ताह सोने की कीमतों में कुछ स्थिरता के साथ हल्की रिकवरी संभव है, जिसके बाद बाजार अपनी अगली दिशा तय करेगा। घरेलू बाजार में बीते सप्ताह कीमती धातुओं में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी 32,663 रुपये यानी 12.59% लुढ़ककर 2.26 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। वहीं, सोना 13,974 रुपये यानी 8.82% टूटकर 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। प्रणव मेर ने बताया कि पूरे सप्ताह सोने में बिकवाली का दबाव बना रहा और कीमतें 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के नीचे फिसल गईं, जो करीब 9-9.5% की बड़ी गिरावट को दर्शाता है।

ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम

बीते सप्ताह के मध्य में गिरावट और तेज हो गई, जब प्रमुख केंद्रीय बैंकों-अमेरिकी फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ जापान, बैंक ऑफ इंग्लैंड और यूरोपीय केंद्रीय बैंक ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई को लेकर चिंता जताई। इन संकेतों से साफ है कि फिलहाल ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। कॉमेक्स पर चांदी वायदा 14.36% गिरकर 69.66 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि सोना 9.6% टूटकर 4,574.9 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

आने वाले हफ्तों में सोना

वेंचुरा के हेड (कमोडिटी एवं CRM) एनएस रामास्वामी के मुताबिक, आने वाले हफ्तों में सोना सीमित दायरे में कमजोरी या स्थिरता के साथ कारोबार कर सकता है। हालिया गिरावट के बाद कीमतों में कुछ संतुलन आ सकता है, लेकिन इंट्राडे में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि 99-100 के स्तर के आसपास बना मजबूत अमेरिकी डॉलर और ऊंची ब्याज दरें सोने की रिकवरी में बाधा बन रही हैं। साथ ही, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा रेट कट की उम्मीदों को टालने और बढ़ती ऊर्जा कीमतों के कारण महंगाई पर दबाव बढ़ने से बाजार ने अब मौद्रिक ढील की उम्मीदें 2026 तक आगे खिसका दी हैं, जिससे सोने की आकर्षण में कमी आई है। हालांकि, दीर्घकाल में सोने की मांग मजबूत बनी रहने की उम्मीद है, क्योंकि वैश्विक केंद्रीय बैंक अपनी गोल्ड खरीद रणनीति में बदलाव के मूड में नहीं हैं।

शादी के सीजन और अक्षय तृतीया देंगे सहारा

जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं से सीमित सपोर्ट जरूर मिला है, लेकिन सोना अब भी सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के रूप में बना हुआ है, जो कीमतों को नीचे गिरने से कुछ हद तक संभाले रखता है। घरेलू बाजार में आने वाले शादी के सीजन और अक्षय तृतीया जैसे त्योहारों के चलते मांग में बढ़ोतरी की संभावना है, जो निकट अवधि में सोना-चांदी की कीमतों को सहारा दे सकती है।

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